
पार्टी नेतृत्व ने किया स्पष्ट—‘उनके बयान निजी, पार्टी से कोई संबंध नहीं’

पटना/दिल्ली।
जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ और लंबे समय तक पार्टी के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे केसी त्यागी (K.C. Tyagi) को लेकर सियासी हलकों में बड़ी और स्पष्ट स्थिति सामने आई है। जदयू नेतृत्व ने सार्वजनिक रूप से यह साफ कर दिया है कि केसी त्यागी और जनता दल (यूनाइटेड) के बीच अब कोई औपचारिक या संगठनात्मक संबंध नहीं है। साथ ही यह भी कहा गया है कि हाल के दिनों में केसी त्यागी द्वारा दिए गए बयान पूरी तरह उनके निजी विचार हैं, जिनका पार्टी की नीति, सोच या आधिकारिक रुख से कोई लेना-देना नहीं है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, केसी त्यागी पिछले काफी समय से जदयू की सक्रिय राजनीति और संगठनात्मक गतिविधियों से दूर थे। इसके बावजूद हाल में उनके कुछ सार्वजनिक बयानों और राजनीतिक टिप्पणियों को लेकर भ्रम की स्थिति बनी, जिसे खत्म करने के लिए जदयू नेतृत्व को यह स्पष्ट बयान जारी करना पड़ा। नेतृत्व का कहना है कि पार्टी किसी भी स्तर पर उनके विचारों या वक्तव्यों की जिम्मेदारी नहीं लेती।
जदयू नेताओं ने यह भी संकेत दिया कि पार्टी अब पूरी तरह अपने वर्तमान नेतृत्व, नीतिगत निर्णयों और राजनीतिक एजेंडे के साथ आगे बढ़ रही है। किसी पूर्व नेता या व्यक्तिगत टिप्पणी को पार्टी से जोड़कर देखना गलत होगा। पार्टी का फोकस राज्य और देश के विकास, सामाजिक न्याय और गठबंधन धर्म के तहत लिए गए निर्णयों पर केंद्रित है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जदयू का यह बयान आगामी राजनीतिक परिस्थितियों और गठबंधन संतुलन के लिहाज से अहम है। इससे यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि पार्टी अपनी लाइन और नेतृत्व को लेकर पूरी तरह स्पष्ट है और किसी भी तरह की भ्रमित करने वाली बयानबाजी से खुद को अलग रखती है।
कुल मिलाकर, जदयू ने दो टूक शब्दों में यह साफ कर दिया है कि केसी त्यागी का अब पार्टी से कोई नाता नहीं है और उनके किसी भी बयान को जनता दल (यूनाइटेड) की राय या नीति के रूप में न देखा जाए।
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