ज्ञान-संस्कार और सफलता की राह दिखाते हैं गुरु : विजय कौशिक

शिक्षक दिवस पर विशेष

गाजियाबाद। आर आई सी टी इंस्टिट्यूट ऑफ हायर एजुकेशन अम्बेडकर रोड पर शिक्षक दिवस मनाया गया। इस अवसर पर संस्था के निदेशक विजय कुमार कौशिक ने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस का महत्व बताते हुए कहा –

*गुरु के बिना क्या जीवन, गुरु तो देते है ज्ञान, जो गुरु को न जाने, है जीवन नरक समान, जनम लेते ही बनते गुरु, अपने माता पिता, शिक्षा लेने जहा भी जाओ, गुरु बनते माता पिता, जहाँ भी जाओ जो करो, गुरु को दे दो मान, जो गुरु को न जाने, है जीवन नरक समान, अंधेरे में क्यो भटक रहे हो, ले लो गुरु का सहारा, रोशनी तुम्हे मिल जाएगी, मिले जीने का सहारा, गुरु ईश्वर गुरु देवता, गुरु स्वयं घनश्याम, जो गुरु को न जाने, है जीवन नरक समान,
गगन में जितना ऊँचा उड़ो, धरती में ही आना, विज्ञान के इस युग में भी, गुरु को सबने माना, दिन दयाल कहे गुरु साथी, गुरु को अपना मान,
जो गुरु को न जाने, है जीवन नरक समान, गुरु के बिना क्या जीवन, गुरु तो देते है ज्ञान, जो गुरु को न जाने, है जीवन नरक समान*

डॉक्टर सर्वपल्ली राधा कृष्णन जी की जयंती पर उनको नमन किया

इस अवसर पर जी एल ऐ विश्वविद्यालय मथुरा के उत्तर प्रदेश रीजनल मैनेजर अनुकूल चंद्र अतिथि के रूप में उपस्थित रहे उन्होंने कहा कि शिक्षक दिवस भारतीय संस्कृति में गुरु और शिष्य के रिश्तों को बहुत महत्व देता है यह दिन शिक्षकों की लगन और कड़ी मेहनत का भी सम्मान करता है।

सभी छात्र छात्राओं ने शिक्षकों को इस अवसर पर शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर संस्थान की शिक्षिका नीलम, ज्योति, अंशु, निरु , तनु एवं छात्र छात्रा उपस्थित रहे।

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वरिष्ठ पत्रकार श्री राम की रिपोर्ट

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