फूलों की महक से खिल उठा अपना शहर गाजियाबाद


गाजियाबाद। गत वर्षो की भांति इस वर्ष भी लैण्डक्राफ्ट डवलपर्स द्वारा हॉर्टिकल्चर एण्ड फ्लोरिकल्चर सोसायटीज गाजियाबाद के सहयोग से “फ्लावर शो एवं चटकारे” शो का आयोजन किया जा रहा है। कार्यक्रम का उदघाटन जिलाधिकारी रवीन्द्र कुमार माँदंड के कर कमलों द्वारा किया गया।

फ्लावर शो में इस बार पर्यावरण/प्रदूषण के साथ-साथ ऑक्सीजन एवं इम्यूनिटी बूस्टर पौधे एवं योगा मुख्य आकर्षण का केन्द्र हैं। इसके साथ ही साक्षरता, रीसाइक्लिंग सामग्री का उपयोग तथा कम्पोस्टिंग इत्यादि प्रमुखता से प्रदर्शित किये जा रहे हैं। किचन गार्डन, हँगिंग गार्डन, अर्बन माइनिंग, टेरेस गार्डन, वर्टिकल गार्डन, लैण्डस्कैपिंग, विभिन्न प्रकार की मेडिसनल प्लांट्स, वायु शोधन करने वाले पौधे, बोनसाई, कैक्टस, सैलुलेण्डस, हाइपरसोनिक, स्वदेशी पुष्प, फल एवं रसायन रहित (आर्गेनिक) सब्जियों का प्रदर्शन किया गया है।

फ्लावर शो में मनोरंजन एवं अनेक प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया है जैसे-नृत्य, योग साधना, सांस्कृतिक कार्यक्रम, गायन एवं फैशन शो, मेहंदी, टेटू, रंगोली. पतंग बाजी, झूले, बर्डस, बटर फ्लाई, विभिन्न प्रकार के स्टॉल आदि आकर्षण का केन्द्र हैं। इस बार विशेष रूप से अर्बन गार्डिनिंग जैसे हाइड्रोपोनिक, एक्यापोनिक एवं एरोपोनिक के द्वारा पौधे किस प्रकार उगाये जा सकते हैं प्रदर्शित किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त पर्यावरण एवं सनातन का बहुत सुन्दरता से समायोजन किया गया है। सनातन की दृष्टि से धनुषवाण द्वार के साथ शिववालय डमरू, वन्दे मातरम-शब्द नही संकल्प, वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सैटेलाइट, पर्यावरण ऑक्सीजन पार्लर, बंटर पलाई, मोर, बत्तख, खरगोश, विभिन्न प्रकार की मछलियों एवं एक्जोटिक प्लान्ट के साथ-2 बहुत सुन्दर लैण्डस्केपिंग का मनमोहक प्रदर्शन किया गया है।
मनोरंजन के साथ-साथ चटकारे में विभिन्न शहरों से फूड स्टॉल्स में मुख्य रूप से सीताराम बाजार वाले छोटे लाल की फुट कुलिया और काठी कबाब, फत्ते की कचौड़ी, आगरा के पराठे, चाँदनी चौकी की जलेबी, नागपाल के छोले-भठूरे, डोलमा मोमोज, योग्बे स्पेशल भेल पूरी, लखनऊ के मशहूर टुन्डे कबाब एवं एवं प्रमुख नगरीय स्वादिष्ट व्यंजन है। बागवानी से सम्बन्धित वर्कशॉप का भी आयोजन किया गया है।


