‘बारादरी’ में रचनाओं के जरिए किया गया वैश्विक हालात पर चिंतन
विचार और सृजन के सामने शोहरत के पैमाने टूट जाते हैं : डॉ. प्रवीण शुक्ल गाजियाबाद। महफ़िल ए बारादरी में अध्यक्षीय वक्तव्य देते हुए अंतर्राष्ट्रीय कवि डॉ. प्रवीण शुक्ल ने कहा कि कोई भी कार्यक्रम भीड़ से बड़ा नहीं होता वहां सुनी गई रचनाओं से बड़ा होता है। अदब के लिहाज से बारादरी का मंच … Read more