सवर्ण समाज के नेता ब्रह्म ऋषि विभूति बीके शर्मा हनुमान फिर हुए हाउस अरेस्ट

गाजियाबाद। यूजीसी नियमों के विरोध में चल रहे आंदोलन ने अब बड़ा राजनीतिक रूप ले लिया है। आंदोलन की अगुवाई कर रहे सवर्ण समाज के राष्ट्रीय एवं तेजतर्रार नेता ब्रह्मऋषि विभूति बीके शर्मा हनुमान सरकार की सबसे बड़ी टेंशन बनते जा रहे हैं। प्रशासन ने एक बार फिर ब्रह्मऋषि विभूति बीके शर्मा हनुमान को हाउस अरेस्ट कर लिया है।सूत्रों के अनुसार, सवर्ण महासभा द्वारा यूजीसी नियम में बदलाव को लेकर किया जा रहे आंदोलन की बढ़ती सक्रियता और समर्थकों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन यह कदम उठाया है।
समर्थकों में उबाल, सरकार पर सवाल
बीके शर्मा हनुमान के समर्थकों का कहना है कि यह कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। कई स्थानों पर समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन की चेतावनी भी दी है।
आंदोलन से जुड़े लोगों का दावा है कि यूजीसी के नए नियम छात्रों और शिक्षकों के हित में नहीं हैं, और इसी मुद्दे को लेकर बीके शर्मा हनुमान ने आवाज बुलंद की थी। वहीं प्रशासन का कहना है कि शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है। अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को रोकने के लिए एहतियातन कार्रवाई की गई है।
आंदोलन में नायक बनकर उभरे है बीके शर्मा हनुमान
यूजीसी नियमों के विरोध में चल रहे सवर्ण महासभा के आंदोलन में बीके शर्मा हनुमान एक प्रमुख चेहरा बनकर उभरे हैं। उनके नेतृत्व में बड़ी संख्या में लोग जुड़ते नजर आ रहे हैं। ब्रह्मऋषि विभूति बीके शर्मा हनुमान ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की विशेष अनुकंपा से न जाने क्यों यह सुविधा प्रदान की गई है।


