कविनगर रामलीला समिति में भी हुआ भ्रष्टाचार: रमेश चंद तोमर

‘एक वर्ष में एक करोड़ से अधिक का गबन’, पूर्व सांसद ने उठाए सवाल

गाजियाबाद। पूर्व सांसद रमेश चंद तोमर ने कविनगर रामलीला समिति के वर्तमान संचालन और वित्तीय व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल उठाते हुए समिति में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार राम मंदिर निर्माण से जुड़े चढ़ावे में कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आए थे, उसी प्रकार कविनगर रामलीला समिति में भी वित्तीय गड़बड़ियां हुई हैं। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की।

प्रेसवार्ता में रमेश चंद तोमर ने आरोप लगाया कि समिति के तत्कालीन अध्यक्ष, महामंत्री, कोषाध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों ने एक वर्ष में एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि का गबन किया है। उनका दावा है कि यदि पिछले आठ वर्षों के आय-व्यय का लेखा-जोखा जांचा जाए तो यह राशि कई गुना अधिक निकल सकती है। उन्होंने कहा कि समिति पूरी तरह भ्रष्टाचार का अड्डा बन चुकी है और इसकी शिकायत उप पंजीयक के समक्ष पहले ही की जा चुकी है।

पूर्व सांसद ने कहा कि अब समिति की व्यवस्था बदली जाएगी और रामलीला का संचालन पारदर्शी ढंग से किया जाएगा, ताकि आम और गरीब परिवारों के लोग भी आसानी से इसका लाभ उठा सकें। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले रामलीला के दौरान मिलने वाला भोजन इतना महंगा होता था कि गरीब लोगों की पहुंच से बाहर था, जबकि अब इसे सभी के लिए सुलभ बनाया जाएगा।

रमेश चंद तोमर ने बताया कि उप पंजीयक द्वारा वर्ष 2011 से पूर्व समिति के अध्यक्ष रहे रामकुमार को संचालन की जिम्मेदारी सौंपी गई है, जबकि रामगोपाल को महामंत्री बनाया गया है। उन्होंने कहा कि नई समिति रामलीला का संचालन पूर्व की परंपराओं के अनुरूप करेगी।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि रामलीला मैदान में कराए गए अवैध निर्माण से भी लाखों रुपये की कमाई की गई, जिसे अब गाजियाबाद विकास प्राधिकरण ने अपने कब्जे में ले लिया है। उन्होंने कहा कि जल्द ही सभी कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार से जुड़े तथ्यों को सार्वजनिक किया जाएगा।

प्रेसवार्ता के दौरान पूर्व अध्यक्ष वेद प्रकाश, पूर्व अध्यक्ष एलीपी गोयल, रामकुमार तोमर, रामगोपाल, पूर्व पार्षद हरभजन मित्तल, भाजपा नेता विजय मोहन सहित कई लोग उपस्थित रहे।

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 वरिष्ठ पत्रकार श्री राम की रिपोर्ट

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