शिक्षक राष्ट्र का निर्माता होता है : जितेन्द्र बच्चन

पांच राज्यों के 51 शिक्षकों को एसकेएफआई ने किया सम्मानित

गाजियाबाद। देश की प्रतिष्ठित संस्था ‘समाज कल्याण फेडरेशन ऑफ इंडिया’ ने शिक्षक दिवस के उपलक्ष में अलग-अलग राज्यों के 51 अध्यापक- अध्यापिकाओं को शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृट कार्य करने के लिए राष्ट्र सेवा ‘शिक्षक सम्मान’ प्रदान किया है। संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष जितेन्द्र बच्चन ने शिक्षकों को साल, प्रशंस्ति पत्र और प्रतीक चिन्ह से नवाजते हुए कहा कि शिक्षक राष्ट्र का निर्माता होता है। देश का नागरिक तभी शिक्षित, संस्कारित और सशक्त हो सकता है जब उसकी बुनियाद समृद्ध और सुरक्षित होगी।

उन्होंने कहा कि एक शिक्षक में संवेदना, संचेतना, सद्भाव एवं मानवीय मूल्यों का समावेश होता है। वह बच्चों के भविष्य को उज्जवल बनाता है। उसके गुण और उसकी शैक्षिक नीतियां विद्यार्थियों के जीवन को संवारने का माध्यम हैं। शिक्षकों के इन्हीं गुणों के मद्देनजर आज उनका सम्मान किया जा रहा है। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एडीएम सिटी (गाजियाबाद) गंभीर सिंह, विशिष्ट अतिथि कवि व साहित्यकार सुरेश पाल वर्मा जसाला और कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही मॉडर्न कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ निशा सिंह ने शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित करने के लिए एसकेएफआई की सराहना की और सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दी हैं।

शिक्षक दिवस के उपलक्ष्य में दो दिन पहले आयोजित कार्यक्रम में उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, दिल्ली, छत्तीसगढ़ और हरियाणा के शिक्षकों को सम्मानित किया गया है। संस्था के राष्ट्रीय महासचिव कृष्ण कुमार द्विवेदी ने बताया कि देश के 124 शिक्षकों ने अपनी प्रविष्टियां भेजी थीं, जिनमें से कुल 51 शिक्षकों को शिक्षक सम्मान के लिए चुना गया। कई शिक्षकों ने संस्था के कार्यों से प्रभावित होकर सदस्यता भी ग्रहण की है। राष्ट्रीय निदेशक विजय कुमार श्रीवास्तव ने सभी पदाधिकारियों, सदस्यों, सहयोगियों, समाजसेवियां और मीडिया बंधुओं के सहयोग के लिए उनका आभार जताया है।

इस अवसर पर एसकेएफआई के संरक्षक अतुल कुमार सक्सेना, मुख्य राष्ट्रीय निदेशक डॉ अशोक कुमार, दिल्ली प्रदेश प्रभारी डॉ प्रशांत बक्शी, युवा प्रकोष्ठ के महासचिव सुधांशु श्रीवास्तव, भ्रष्टाचार विरोधी प्रकोष्ठ के अध्यक्ष सीबी पचौरी, विधि सलाहकार हिमांशु श्रीवास्तव एडवोकेट, उत्तराखंड प्रभारी अंबेश पंत, उत्तर प्रदेश के सचिव अशोक कुमार श्रीवास्तव, बुलंदशहर प्रभारी संजीव भारद्वाज, फरीदाबाद जिलाध्यक्ष शरद कौशिक, प्रिंसिपल एवं पत्रकार कलीम खान, संजय बग्गा, डाक्टर अनिल निगम, गुलशन भाम्भरी, अमेठी की प्रिंसिपल निकहत दीबा, दिल्ली विश्व विद्यालय के प्रोफेसर (डॉ.) मनोज कुमार केन, शिक्षाविद राजेश कुमार, प्रोफेसर रश्मि वाष्णे, प्रोफेसर आशीष भटनागर, श्रीमती किरण श्रीवास्तव, राजीव थपलियाल, दामिनी गुप्ता, रविन्द्र कुमार, श्रीमती मीनाक्षी थपलियाल, श्रीमती सरिता मैन्दोला, श्रीमती सुनीता श्रीवास्तव, श्रीमती विभा रावत, श्रीमती उषा पंवार, कमलेश बलूनी, श्रीमती सोनिका श्रीवास्तव, विनोद कुमार रावत, श्रीमती निधि नौटियाल, अमित कुमार त्यागी, डाक्टर निशि त्यागी, सुनील सिंह पंवार, श्रीमती मुक्ता वार्ष्णेय, मोनिका रावत, श्रीमती प्रिया वर्मा, रश्मि बिष्ट, रेखा चौहान, सुधा जोशी, अनंत राम पाठक, डॉक्टर विभा चौहान, डॉक्टर मंजू सिंह, श्रीमती परमजीत कौर, डॉक्टर संगीता गुप्ता, अंकुर गुप्ता, विशाल शर्मा, निभा श्रीवास्तव आदि उपस्थित रहे।

——————-
वरिष्ठ पत्रकार श्री राम की रिपोर्ट

Leave a Comment

[democracy id="1"]